सीखें · उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान
उत्तर प्रदेश एक्सप्लोरर: मंडल, ज़िले, नदियाँ और संरक्षित क्षेत्र
उत्तर प्रदेश के 18 मंडल और 75 ज़िले, प्रमुख नदियाँ और संरक्षित क्षेत्र खोजने योग्य सूचियों में देखिए — कोई समूह चुनिए या किसी स्थान को खोजकर जानिए कि वह कहाँ आता है।
उत्तर प्रदेश के 75 ज़िले (जनपद) 18 मंडलों में बँटे हैं; हर मंडल का एक मुख्यालय होता है। कोई मंडल चुनकर उसका मुख्यालय और ज़िले देखिए, या किसी ज़िले को खोजकर उसका मंडल जानिए। यह सूची है, मानचित्र नहीं।
आगरा मंडल · मुख्यालय आगरा 4
आगराफ़िरोज़ाबादमैनपुरीमथुरा
अलीगढ़ मंडल · मुख्यालय अलीगढ़ 4
अलीगढ़एटाहाथरसकासगंज
पुराने नाम: हाथरस ज़िले का पूर्व नाम महामाया नगर और कासगंज ज़िले का पूर्व नाम कांशीराम नगर था।
अयोध्या मंडल · मुख्यालय अयोध्या 5
अयोध्याअंबेडकर नगरअमेठीबाराबंकीसुल्तानपुर
2018 में नया नाम: 2018 में फ़ैज़ाबाद ज़िले का नाम बदलकर अयोध्या किया गया और मंडल का नाम भी अयोध्या हो गया।
याद रखने योग्य ज़िला मुख्यालय: अंबेडकर नगर का मुख्यालय अकबरपुर है और अमेठी का मुख्यालय गौरीगंज है। अमेठी ज़िले का पूर्व नाम छत्रपति शाहूजी महाराज नगर था।
आज़मगढ़ मंडल · मुख्यालय आज़मगढ़ 3
आज़मगढ़बलियामऊ
बरेली मंडल · मुख्यालय बरेली 4
बरेलीबदायूँपीलीभीतशाहजहाँपुर
बस्ती मंडल · मुख्यालय बस्ती 3
बस्तीसंत कबीर नगरसिद्धार्थनगर
याद रखने योग्य ज़िला मुख्यालय: संत कबीर नगर का मुख्यालय ख़लीलाबाद है और सिद्धार्थनगर का मुख्यालय नौगढ़ है।
चित्रकूट धाम मंडल · मुख्यालय बाँदा 4
बाँदाचित्रकूटहमीरपुरमहोबा
मुख्यालय: इस मंडल का मुख्यालय बाँदा है। चित्रकूट ज़िले का मुख्यालय कर्वी है।
देवीपाटन मंडल · मुख्यालय गोंडा 4
गोंडाबहराइचबलरामपुरश्रावस्ती
मुख्यालय: इस मंडल का मुख्यालय गोंडा है। श्रावस्ती ज़िले का मुख्यालय भिनगा है।
गोरखपुर मंडल · मुख्यालय गोरखपुर 4
गोरखपुरदेवरियाकुशीनगरमहराजगंज
याद रखने योग्य ज़िला मुख्यालय: कुशीनगर ज़िले का मुख्यालय पडरौना है।
झाँसी मंडल · मुख्यालय झाँसी 3
झाँसीजालौनललितपुर
याद रखने योग्य ज़िला मुख्यालय: जालौन ज़िले का मुख्यालय उरई है।
कानपुर मंडल · मुख्यालय कानपुर 6
कानपुर नगरकानपुर देहातऔरैयाइटावाफ़र्रुख़ाबादकन्नौज
दो अकबरपुर: कानपुर देहात का मुख्यालय अकबरपुर (माती) है। इसे अयोध्या मंडल के अंबेडकर नगर ज़िले के मुख्यालय अकबरपुर से न मिलाएँ।
लखनऊ मंडल · मुख्यालय लखनऊ 6
लखनऊहरदोईलखीमपुर खीरीरायबरेलीसीतापुरउन्नाव
सर्वाधिक ज़िलों वाले मंडल: लखनऊ, कानपुर और मेरठ मंडलों में छह-छह ज़िले हैं — किसी भी अन्य मंडल से अधिक।
मेरठ मंडल · मुख्यालय मेरठ 6
मेरठबागपतबुलंदशहरगौतम बुद्ध नगरग़ाज़ियाबादहापुड़
नए ज़िले: हापुड़ ज़िला ग़ाज़ियाबाद से अलग करके बनाया गया। गौतम बुद्ध नगर ज़िले में नोएडा और ग्रेटर नोएडा आते हैं।
मिर्ज़ापुर (विंध्याचल) मंडल · मुख्यालय मिर्ज़ापुर 3
मिर्ज़ापुरभदोही (संत रविदास नगर)सोनभद्र
दो नाम, दो मुख्यालय: इस मंडल को विंध्याचल मंडल भी कहते हैं। भदोही (संत रविदास नगर) का मुख्यालय ज्ञानपुर और सोनभद्र का मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज है।
मुरादाबाद मंडल · मुख्यालय मुरादाबाद 5
मुरादाबादअमरोहाबिजनौररामपुरसंभल
पुराना नाम: अमरोहा ज़िले का पूर्व नाम ज्योतिबा फुले नगर था।
प्रयागराज मंडल · मुख्यालय प्रयागराज 4
प्रयागराजफ़तेहपुरकौशांबीप्रतापगढ़
2018 में नया नाम: 2018 में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया। कौशांबी ज़िले का मुख्यालय मंझनपुर है।
सहारनपुर मंडल · मुख्यालय सहारनपुर 3
सहारनपुरमुज़फ़्फ़रनगरशामली
नया ज़िला: शामली ज़िला मुज़फ़्फ़रनगर से अलग करके बनाया गया।
वाराणसी मंडल · मुख्यालय वाराणसी 4
वाराणसीचंदौलीग़ाज़ीपुरजौनपुर
उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ और उनके तट पर या उनके किनारे बसे प्रसिद्ध नगर व ज़िले। कोई नदी चुनकर स्थान और मुख्य तथ्य देखिए, या किसी स्थान को खोजकर उसकी नदी जानिए। कोई स्थान एक से अधिक नदियों पर हो सकता है (प्रयागराज गंगा और यमुना दोनों पर है)।
गंगा 11
बिजनौरगढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)नरौरा (बुलंदशहर)फ़र्रुख़ाबादकन्नौजकानपुरप्रयागराजमिर्ज़ापुरवाराणसीग़ाज़ीपुरबलिया
उद्गम: भागीरथी उत्तराखंड में गंगोत्री हिमनद के गोमुख से निकलती है। देवप्रयाग में यह अलकनंदा से मिलती है और वहीं से यह नदी गंगा कहलाती है।
उत्तर प्रदेश में प्रवेश और निकास: गंगा बिजनौर ज़िले से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। बिहार में जाने से पहले बलिया इसके मार्ग का अंतिम उत्तर प्रदेश ज़िला है।
त्रिवेणी संगम: गंगा और यमुना का संगम प्रयागराज में होता है; परंपरा के अनुसार यहाँ अदृश्य सरस्वती भी मिलती है, इसलिए इसे त्रिवेणी संगम कहते हैं।
वाराणसी का नाम: वाराणसी नाम परंपरागत रूप से वरुणा और असि धाराओं से जुड़ा माना जाता है, जो इस नगर में गंगा से मिलती हैं।
यमुना 8
गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)मथुरावृंदावन (मथुरा)आगराइटावाकालपी (जालौन)हमीरपुरप्रयागराज
उद्गम: यमुना उत्तराखंड में बंदरपूँछ श्रेणी के यमुनोत्री हिमनद से निकलती है। एनसीईआरटी के अनुसार यह गंगा की सबसे पश्चिमी और सबसे लंबी सहायक नदी है।
सहायक नदियाँ: चंबल, सिंध, बेतवा और केन यमुना में दाएँ तट से मिलती हैं; हिंडन बाएँ तट से मिलती है। यमुना स्वयं प्रयागराज में गंगा से मिलती है।
ताजमहल: ताजमहल आगरा में यमुना के तट पर स्थित है।
घाघरा (सरयू) 4
बाराबंकीअयोध्याअंबेडकर नगरबलिया
उद्गम और मार्ग: घाघरा तिब्बत के मापचाचुंगो हिमनद से निकलती है और नेपाल में करनाली कहलाती है। मैदान में शारदा इसमें मिलती है और यह बिहार में छपरा के पास गंगा में मिल जाती है।
अयोध्या में सरयू: अयोध्या के पास यह नदी सरयू के नाम से जानी जाती है।
दो नदियों के बीच बलिया: बलिया ज़िला गंगा और घाघरा के बीच स्थित है।
गोमती 3
लखनऊसुल्तानपुरजौनपुर
उद्गम से संगम तक उत्तर प्रदेश की नदी: गोमती पीलीभीत ज़िले के गोमत ताल (फुलहर झील) से निकलती है और वाराणसी व ग़ाज़ीपुर के बीच कैथी के पास गंगा में मिलती है — इसका पूरा मार्ग उत्तर प्रदेश में है।
रामगंगा 2
मुरादाबादबरेली
उद्गम और संगम: रामगंगा उत्तराखंड में गैरसैंण के पास गढ़वाल की पहाड़ियों से निकलती है, नजीबाबाद (बिजनौर) के पास उत्तर प्रदेश के मैदान में आती है और कन्नौज के पास गंगा में मिलती है।
राप्ती 3
श्रावस्तीबलरामपुरगोरखपुर
अचिरावती: राप्ती नेपाल से निकलती है और घाघरा की सहायक नदी है। इसका प्राचीन नाम अचिरावती है; प्राचीन श्रावस्ती इसी के तट पर थी।
गंडक 2
महराजगंजकुशीनगर
उद्गम और संगम: गंडक नेपाल हिमालय से निकलती है, बिहार सीमा के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश को छूती है और बिहार में पटना के पास सोनपुर में गंगा से मिलती है।
शारदा (काली) 2
पीलीभीतलखीमपुर खीरी
नेपाल सीमा पर काली: उत्तराखंड में यह नदी भारत-नेपाल सीमा का भाग बनाती है और वहाँ काली (महाकाली) कहलाती है। मैदान में इसे शारदा कहते हैं और यह घाघरा में मिलती है।
बेतवा 3
झाँसीललितपुरहमीरपुर
वेत्रवती: बेतवा मध्य प्रदेश से निकलती है; इसका प्राचीन नाम वेत्रवती है। यह हमीरपुर में यमुना से मिलती है। माताटीला और राजघाट बाँध बेतवा पर बने हैं।
केन 1
बाँदा
उद्गम और संगम: केन मध्य प्रदेश से निकलती है, बुंदेलखंड से होकर उत्तर की ओर बहती है और बाँदा ज़िले में यमुना से मिलती है।
चंबल 2
आगराइटावा
बीहड़: चंबल मध्य प्रदेश के मालवा पठार पर महू के पास से निकलती है, अपने बीहड़ों के लिए प्रसिद्ध है और इटावा के पास यमुना में मिलती है।
सोन 1
सोनभद्र
उद्गम और संगम: सोन मध्य प्रदेश के अमरकंटक पठार से निकलती है और बिहार में पटना के पश्चिम में गंगा से मिलती है।
रिहंद बाँध: सोन की सहायक नदी रिहंद पर सोनभद्र ज़िले में बाँध बना है; इसका जलाशय गोविंद बल्लभ पंत सागर है।
हिंडन 3
सहारनपुरग़ाज़ियाबादगौतम बुद्ध नगर
उद्गम और संगम: हिंडन सहारनपुर ज़िले की शिवालिक पहाड़ियों से निकलती है और दिल्ली के पास गौतम बुद्ध नगर ज़िले में यमुना में मिलती है।
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, उत्तर प्रदेश के टाइगर रिज़र्व और प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य व पक्षी विहार — हर एक के साथ उसके ज़िले। कोई क्षेत्र चुनकर उसके ज़िले देखिए, या किसी ज़िले को खोजकर जानिए कि वहाँ क्या है।
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान 1
लखीमपुर खीरी
तराई का राष्ट्रीय उद्यान: दुधवा को 1977 में राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया। यह भारत-नेपाल सीमा पर तराई क्षेत्र में है और बारहसिंगा के लिए प्रसिद्ध है।
गैंडे का पुनर्वास: दुधवा में एक सींग वाले भारतीय गैंडे को फिर से बसाया गया है।
दुधवा टाइगर रिज़र्व 2
लखीमपुर खीरीबहराइच
इसमें क्या-क्या शामिल है: दुधवा टाइगर रिज़र्व में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के साथ किशनपुर और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं।
पीलीभीत टाइगर रिज़र्व 1
पीलीभीत
नेपाल सीमा पर: पीलीभीत टाइगर रिज़र्व पीलीभीत ज़िले के तराई वनों में है; यह ज़िला नेपाल की सीमा से लगा है।
अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व 1
बिजनौर
कॉर्बेट से सटा: बिजनौर ज़िले का अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व से सटा हुआ है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) इसे कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के बफ़र क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध करता है।
रानीपुर टाइगर रिज़र्व 1
चित्रकूट
बुंदेलखंड का टाइगर रिज़र्व: चित्रकूट ज़िले का रानीपुर टाइगर रिज़र्व बुंदेलखंड की पहाड़ियों में स्थित रानीपुर वन्यजीव अभयारण्य से बना है।
किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य 1
लखीमपुर खीरी
दुधवा का भाग: किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य दुधवा टाइगर रिज़र्व का भाग है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य 1
बहराइच
गिरवा के घड़ियाल: कतर्नियाघाट दुधवा टाइगर रिज़र्व का भाग है। यहाँ की गिरवा नदी घड़ियाल और गंगा डॉल्फ़िन के लिए जानी जाती है।
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य 2
आगराइटावा
तीन राज्यों का अभयारण्य: राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य चंबल नदी के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैला है। यह घड़ियाल, गंगा डॉल्फ़िन और मीठे पानी के कछुओं की रक्षा करता है।
हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य 3
मेरठमुज़फ़्फ़रनगरबिजनौर
गंगा के किनारे: हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में गंगा के किनारे फैला है, जिनमें मेरठ, मुज़फ़्फ़रनगर और बिजनौर शामिल हैं। इसका नाम मेरठ ज़िले के प्राचीन हस्तिनापुर पर रखा गया है।
चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य 1
चंदौली
सिंह और जलप्रपात: 1950 के दशक में चंद्रप्रभा में एशियाई सिंह लाए गए थे, पर यह प्रयास टिक नहीं सका। राजदरी और देवदरी जलप्रपात इसी अभयारण्य में हैं।
कैमूर वन्यजीव अभयारण्य 2
मिर्ज़ापुरसोनभद्र
कैमूर श्रेणी पर: कैमूर वन्यजीव अभयारण्य गंगा के दक्षिण में विंध्य क्षेत्र की कैमूर पहाड़ियों पर स्थित है।
सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य 1
महराजगंज
महावीर स्वामी वन्यजीव अभयारण्य 1
ललितपुर
नवाबगंज पक्षी विहार (शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार) 1
उन्नाव
एक क्रांतिकारी के नाम पर: लखनऊ-कानपुर मार्ग पर स्थित नवाबगंज पक्षी विहार का नाम बदलकर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार रखा गया है।
सांडी पक्षी विहार 1
हरदोई
समसपुर पक्षी विहार 1
रायबरेली
ओखला पक्षी विहार 1
गौतम बुद्ध नगर
यमुना पर: ओखला पक्षी विहार दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर यमुना के ओखला बैराज पर स्थित है।
पार्वती अरगा पक्षी विहार 1
गोंडा
लख-बहोसी पक्षी विहार 1
कन्नौज
समान पक्षी विहार 1
मैनपुरी
पटना पक्षी विहार 1
एटा
सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम झील) 1
आगरा
कीठम झील: सूर सरोवर पक्षी विहार आगरा के पास कीठम झील के चारों ओर बना है।
बखिरा पक्षी विहार 1
संत कबीर नगर
विजय सागर पक्षी विहार 1
महोबा